माण्डे के गीत

टीका के गीत

टीका का गीत 1
कठै सै आया नारियल, कठै सै आया म्हारै नवल बन्ने का, टीकला जी राज।
बागां सै आया नारियल, समधानै से आया म्हारै नवल बन्ने का, टीकला जी राज।
कठै उतारां नारियल, कठै उतारां म्हारै नवल बन्ने का, टिकला जी राज।
गोडै उतारां नारियल, माथै उतारां म्हारै नवल बन्ने का, टिकला जी राज।
कठै उतारां दायजा, कठै उतारां म्हारै नवल बन्ने की, गोरड़ी जी राज।
आंगण उतारां दायजा, महलां मै उतारां म्हारै नवल बन्ने की, गोरड़ी जी राज।
बन्ट जावैगा दायजा, सेज सोरंगी म्हारै नवल बन्ना की, गोरड़ी जी राज।
टीका का गीत 2
सुई सार की धागा पाट का, पोता चीतिये मुरारी लाल राव का
सुई सार की धागा पाट का, बेटा चीतिये सीताराम राव का
पोता चीतिये रामानन्द राव का
कंगना का गीत
ओ बम्बई से बन के आया, बन्ने का कंगना,
बन्ने के बाबा ने मंगवाया, दादी रानी ने फरमाया,
भाभी घुल-घुल गाँठ लगाए, बन्ने के कंगना।
गद्दे मखमल के मंगवाए, उस पर तकिए लगाए,
जिस पर बैठेगा ये लाल, बांधेगा कंगना।
ओ बम्बई से बन के .......
(ताऊ-ताई, जामी-माँ, चाचा-चाची, फूफा-बुआ, भाई-भाभी, नाना-नानी, मामा-मामी)